Betul: आखिरकार शिवाजी चौक पर लग गई छतरी: रायगढ़ किले के दरबार में लगी छतरी का दिया लुक

बैतूल। शिवाजी चौक पर कई वर्षों से छतरी लगाने की मांग हो रही थी। आखिरकार छतरी लग गई है। छतरी लगने के बाद शिवाजी चौक और आकर्षक  दिखने लगा है। दरअसल यह छतरी रायगढ़ किले के शिवाजी महाराज दरबार में लगी छतरी के रूप में लगाई लगाई है। नगरपालिका के सब इंजीनियर नगेंद्र वागद्रे ने बताया कि शिवाजी चौक पर छतरी लगाने के लिए सांसद दुर्गादास उइके की तरफ से दो लाख की राशि स्वीकृत हुई है। नगरपालिका अध्यक्ष पार्वती बाई बारस्कर और सीएमओ अक्षत बुंदेला के निर्देशन पर नगरपालिका द्वारा रविवार को छतरी लगाने का काम  सुबह से प्रारंभ कर दिया और शाम तक छतरी लगा दी है। सब इंजीनियर श्री वागद्रे सहित अन्य लोगों ने छतरी लगाने को लेकर नापझोप किया और गड्ढें खोदे गए। कुनबी समाज सहित अन्य संगठनों द्वारा कई वर्षों से शिवाजी प्रतिमा के ऊपर छतरी लगाने की मांग की जा रही थी। कई बार यह मांग उठती रही, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया था, लेकिन सांसद ने दो लाख की राशि स्वीकृत की, वैसे ही छतरी बनाने का काम शरू किया और छतरी बनकर तैयार हो गई है। क्रेन की सहायता से छतरी लगाने का काम किया है।

सब इंजीनियर श्री वागद्रे ने बताया कि छतरी निर्माण के लिए ड्राइंग ग्रपसिट बनाकर तैयार किया है। छतरी का निर्माण कारीगर विक्रम राना और गणेश राना कालका स्टील को दिया गया। कारगिरों ने बड़े परिश्रम से छतरी का निर्माण किया है। शिवाजी महाराज कालखंड के स्थापत्य अष्टकोणीय बनाए जाते थे उनके साम्राज्य में सिक्के भी अष्टकोणीय थे, जिनकी अलग पहचान बनी है। इन्हीं बारिकियों को देखकर शिवाजी महाराज के प्रतिमा के ऊपर छत्र बनाया गया है। छतरी की ऊंचाई छह फीट है।
रायगढ़ जिले में लगी छतरी के पेटर्न पर बनाई छतरी
लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम के पास शिवाजी चौक पर लगने वाली छतरी रायगढ़ किले के दरबार में लगी छतरी के पेटर्न पर बनाई गई है। इंजीनियर श्री वागद्रे ने बताया कि छतरी का निर्माण प्राकृतिक स्टील से बनाया गया है। छतरी लगने के बाद आकर्षक दिखेगी। रायगढ़ किले में लगी छतरी भी आकर्षक बनी हुई है। इसी पेटर्न पर बैतूल में भी शिवाजी चौक पर लगने वाली छतरी का निर्माण किया गया है।

 

Betul: डिप्टी रेंजर पर युवक ने लगाया बंधक बनाकर थर्ड डिग्री टॉर्चर का आरोप

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button