Betul Today News: अहिल्यादेवी त्रिशताब्दी जयंती कार्यक्रम, मेडल जीतकर आए प्रतिभागियों ने किया शानदार प्रदर्शन
Betul Today News: Ahilyadevi Tricentenary Jayanti Program, participants who won medals performed brilliantly
Betul Today News: बैतूल: पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी त्रिशताब्दी जयंती कार्यक्रम का उद्घाटन स्थानीय कस्तूरी बाग से किया गया सर्वप्रथम दीप प्रज्वलित कर भारत माता व पुण्य श्लोक अहिल्या देवी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। देवी अहिल्या पर गगन सा ह्रदय विशाल है नृत्य प्रस्तुति की गई। देवी अहिल्या के जीवन पर एक नाटिका पूनम राजपूत व साथियों द्वारा प्रस्तुत की गई। भूटान से लाठी प्रतियोगिता गोल्ड मेडल जीतकर आए प्रतिभागियों द्वारा लाठी चालान का प्रदर्शन किया गया। समिति अध्यक्ष जयश्री शाह द्वारा आयामों की घोषणा व आयाम प्रमुखों का परिचय दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पार्टी अधिकारी सुदीप शुक्ला द्वारा देवी अहिल्या के पूर्ण जीवन उनके संघर्ष सुशासन का वर्णन किया गया उनकी संपूर्ण जीवन यात्रा पर प्रकाश डाला गया देवी अहिल्या के बिंदु से विराट तक के सफर की गाथा बताई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री माननीय दुर्गादास उइके द्वारा कार्यक्रम में उद्बोधन दिया गयाउन्होंनेकहा 2000 वर्षों तक के दौर में आक्रांत और लुटेरों ने देश पर आक्रमण किया केवल धन ही नहीं लूटा राष्ट्रीय अस्मिता से भी छेड़छाड़ की। उन्होंने बताया कि देवी के कृतित्व को अपने व्यक्तित्व में अपने चरित्र में लाएं भारत की संस्कृति में माता को प्रथम स्थान पर रखा गया है जब तक भारत में मात्र सत्ता को प्रथम स्थान पर रखा गया तब तक भारत ने विश्व में अपना परचम लहराया उन्होंने शिवलिंग को एकात्मता का प्रतीक बताया और कहा कि माता अहिल्या हमेशा अपने साथ शिवलिंग रखा करती थी शंकर का अर्थ है समान दृष्टिकोण शिव की तरह जड़ और चैतन्य को पहचान करशक्ति का महत्व बताया धन की प्राप्ति के लिए मां लक्ष्मी की शरण में जाना होता है ज्ञान प्राप्ति के लिए माता सरस्वती और अनीति अनाचार से लड़ने के लिए मां काली की शरण में जाना पड़ता है जहां नारी की पूजा होती है वहां देवता बसते हैंकी बात कही। राम को गढ़ने में कौशल्या माता शिवाजी को गढ़ने में जीजाबाई रानी देवकी कृष्ण जी की माता का उदाहरण दिया।
रमेश शर्मा वरिष्ठ पत्रकार प्रांतीयअधिकारी ने देवी अहिल्या के जीवन के जीने के तरीकों पर प्रकाश डाला उन्होंने कहा कि जितने भी महापुरुषों हुए हैं उनको माता ने ही आदर्श और सक्षम बनाया है माता को चाहिए की वह भगत सिंह आजाद चंद्रगुप्त का निर्माण करें। समिति संरक्षक बत्रा जी द्वारा खंड प्रभारी समिति की घोषणा की गई समिति कोषाध्यक्ष विनय डोंगरे द्वारा आभार व्यक्त किया गया कार्यक्रम के अंत में भारत माता की सामूहिक आरती की गई।



