Guru Purnima 2024 News: गुरुपूर्णिमा पर बैतूल में दादाजी की कुटी में 13 क्विंटल का टिक्कड़ और सवा क्विंटल की बनेगी चटनी
Guru Purnima 2024 News: On Guru Purnima, 13 quintal tikkad and 1.25 quintal chutney will be made at Dadaji's hut in Betul
Guru Purnima 2024 News: बैतूल में आने वाली गुरूपूर्णिमा को लेकर अभी से तैयारियां शुरू हो चुकी है। गुरूपूर्णिमा का पर्व जिले भर में धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। शहर के खंजनपुर स्थित प्रसिद्ध दादाजी की कुटी में गुरूपूर्णिमा के दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। गुरूपृूर्णिमा को लेकर दादाजी की कुटी में तैयारियां शुरू हो चुकी है। दादाजी की कुटी में पूजा-अर्चना के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। इस वर्ष गुरूपूर्णिमा का पर्व 21 जुलाई को मनाया जाएगा। 20 जुलाई को सुबह के समय दादाजी की कुटी में निशान चढ़ाएं जाएंगे। यहां बैतूलबाजार और टिकारी से निशान लेकर आते है। यहां गुरूपूर्णिमा के दिन निशान चढ़ाने का भी खासा महत्व है। 21 जुलाई को दादाजी की कुटी समिति द्वारा गुरूपूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। श्रद्धालुओं के बड़ी संख्या में पहुंचने को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। दादाजी की कुटी में 24 घंटे धुनी जलती रहती है और यहां कई वर्षो से धुनी जलते आ रही है। गुरूपूर्णिमा के दिन शाम के समय यहां विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। टिक्कड़ और चटनी की मिलेगी प्रसादी
दादाजी की कुटी में गुरूपूर्णिमा के अवसर पर प्रसादी के रूप में टिक्कड़, चटनी, हलवा, पुड़ी और सब्जी का वितरण किया जाएगा। यहां की टिक्कड़ चटनी की प्रसादी श्रद्धालुओं को खूब पसंद आती है। प्रतिवर्ष दादाजी की कुटी समिति द्वारा प्रसादी के रूप में टिक्कड़, चटनी बनाई जाती है। मंदिर समिति के अध्यक्ष प्रवीण भावसार ने बताया कि इस वर्ष गुरूपूर्णिमा के अवसर पर दादाजी की कुटी में 13 क्विंटल का टिक्कड़, सवा क्विंटल की चटनी, 6 क्विंटल की पुड़ी, 10 क्विंटल की सब्जी और 2 क्विंटल का हलवा बनाया जाएगा। प्रसादी के रूप में श्रद्धालुओं को टिक्कड़ चटनी वितरित करेंगे।
लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना
दादाजी की कुटी में पूजा अर्चना के लिए गुरूपूर्णिमा के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते है। इस वर्ष भी लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। 50 हजार श्रद्धालुओं के हिसाब से यहां प्रसादी बनाई जाती है। श्रद्धालुओं की इतनी अधिक भीड़ हो जाती कि मंदिर के सामने लंबी-लंबी कतारे लग जाती है। मंदिर समिति के सदस्यों को व्यवस्था संभालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए यहां बेरीकेट्स लगाकर व्यवस्था संभाली जाएगी। ट्रैफिक व्यवस्था बनाने के लिए मंदिर समिति द्वारा ट्रैफिक पुलिस की भी मदद ली जाएगी।


