Guru Purnima 2024: गुरुपूर्णिमा पर बैतूल के मंदिरों में उमड़ी आस्था की भीड़, दादाजी की कुटी खंजनपुर में टिक्कड़-चटनी का वितरण
Guru Purnima 2024: On Guru Purnima, a huge crowd gathered in the temples of Betul, distribution of tikkad-chutney at Dadaji's hut Khanjanpur
Guru Purnima 2024: गुरुपूर्णिमा का पर्व रविवार को पूरे जिले में पारंपारिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में भक्तों का तांता लग गया। जगह-जगह भंडारे प्रसादी का आयोजन भी हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने भंडारे में पहुंचकर प्रसादी ग्रहण की। ग्रामीण अंचलों में नागदेवता एवं ग्राम देवता को पूजने के लिए सुबह से ही लोगों उमड़ने लगे थे। स्कूलों में पट्टी पूजा एवं मां सरस्वती का पूजन कर गुरु पर्व मनाया गया। इधर जिला मुख्यालय पर खंजनपुर स्थित दादाजी की कुटी पर भी दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचने लगे। शिवधामों, नागदेव मंदिरों के अलावा आश्रमों में आज विशेष अनुष्ठान किए गए। सोशल मीडिया पर रात 12 बजे से ही गुरुपूर्णिमा की बधाई देने का सिलसिला शुरु हो गया था। व्हाटसएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लोग अपने गुरुओं के साथ या गुरु से जुड़ी यादों को साझा कर एक दूसरे को गुरुपूर्णिमा की बधाई दे रहे थे। इस रविवार को होने वाले आयोजन में लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए सुबह 10 बजे निशान चढ़ाने एवं आरती के पश्चात टिक्कड़-चटनी प्रसाद का वितरण कार्य शुरू हुआ जो देर रात तक जारी रहेगा। शाम सात बजे महाआरती के पश्चात भंडारा प्रारंभ होगा। इस मौके पर जगराता कार्यक्रम भी आयोजित होगा, जिसमें दादा भजनों के अलावा देवी भजनों की प्रस्तुति होगी। हर बार की तरह इस बार भी महिलाओं एवं युवतियों के लिए प्रसाद लेने की अलग कतार लगाई जाएगी। वर्षा की संभावना को देखते हुए समिति ने व्यापक व्यवस्था की है।

खंडवा-शिरडी, शेगांव पहुंचे श्रद्धालु
जिले से प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु दादाधाम खंडवा, शिर्डी और शेगांव भी दर्शन के लिए पहुंचते है। गुरुपूर्णिमा के अवसर पर निशान चढ़ाने श्रद्धालुओं के जत्थे हनुमान डोल, मठारदेव बाबा के अलावा अन्य मंदिरों तक पैदल यात्रा करते है। खंडवा, शिरडी, शेगांव में जिले के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। नागदेव मंदिर पर सुबह से ही दुग्धाभिषेक एवं पूजन का सिलसिला शुरु हो गया था। घरों में गुरुमंत्र का जाप एवं अनुष्ठान किए गए।
सांई मंदिर से निकली पालकी यात्रा
गुरुपूर्णिमा पर कोठीबाजार स्थित सांई मंदिर से विशाल पालकी यात्रा निकाली गई। जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु सम्मिलित हुए। दोपहर को सांई मंदिर से पालकी यात्रा की शुरूआत हुई। गाजे-बाजे के साथ निकली पालकी यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए दादाजी की कुटी पहुंची जहां पालकी यात्रा का समापन किया गया। जगह-जगह पालकी यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। प्रतिवर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर सांई मंदिर से पालकी यात्रा निकाली जाती हैं और भंडारे का आयोजन किया जाता है।



